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नरयावली में दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन अस्पताल के पानी भरे गड्ढे में डूबे दो मासूम भाइयों की मौत

सागर/नरयावली। सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। निर्माणाधीन अस्पताल परिसर में खोदे गए पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो सगे मासूम भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान चार वर्षीय शिवा और छह वर्षीय संभव के रूप में हुई है। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



खेलते-खेलते गड्ढे में गिरे मासूम

जानकारी के मुताबिक दोनों बच्चे निर्माणाधीन अस्पताल परिसर के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान वे पानी से लबालब भरे गहरे गड्ढे के पास पहुंच गए और अचानक उसमें जा गिरे। गड्ढा गहरा होने के कारण दोनों बच्चे पानी में डूब गए।

जब काफी देर तक दोनों बच्चे नजर नहीं आए तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। आसपास खोजबीन के दौरान निर्माण स्थल के पानी भरे गड्ढे पर संदेह हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से गड्ढे में बच्चों की तलाश की गई।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

हादसे की सूचना मिलते ही नरयावली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों बच्चों को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों मासूमों को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मृतकों के पिता बारे लाल चढ़ार मूल रूप से रहली क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। दो मासूम बेटों की एक साथ मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

पुलिस ने शुरू की जांच

नरयावली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हादसे के कारणों के साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

निर्माण स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

हादसे के बाद निर्माणाधीन अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर गहरा गड्ढा खोदा गया था, वहां न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निर्माण स्थल पर खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए। यदि गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड होता तो संभवत: बच्चों को वहां पहुंचने से रोका जा सकता था।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दो मासूम भाइयों की एक साथ मौत ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। हादसे ने निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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