सावन के चौथे सोमवार को लाखा बंजारा झील पर गूंजे गंगा आरती के जयकारे, शिव रुद्री विसर्जन करने पहुंचे श्रद्धालु भी हुए शामिल
सागर। सावन के चौथे और अंतिम सोमवार को लाखा बंजारा झील के चकराघाट स्थित विट्ठल मंदिर घाट पर आयोजित गंगा आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शिव रुद्री विसर्जन के लिए गाजे-बाजे के साथ झील पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी आरती में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना कर धर्मलाभ लिया।
गंगा आरती के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, धूप, गूगल, कपूर, चंदन और घी की सुगंध से झील का वातावरण भक्तिमय नजर आया। स्थानीय नागरिकों ने मुख्य यजमान बनकर पूजन में सहभागिता की।
प्रयागराज से आए रामलीला मंडल ने की सराहना
सागर में रामलीला मंचन के लिए प्रयागराज उत्तर प्रदेश से आए रामायण रामलीला मंडल के सदस्यों ने भी झील किनारे होने वाली इस सांस्कृतिक गंगा आरती की सराहना की। उन्होंने आयोजन को आस्था और संस्कृति का सुंदर संगम बताया।
हर सोमवार हो रही गंगा आरती
नगर निगम द्वारा प्रत्येक सोमवार आयोजित की जा रही गंगा आरती में शहर के अलग-अलग वार्डों से नागरिक अपने परिवार के साथ पहुंच रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना के साथ लोगों को लाखा बंजारा झील से जोड़ना और झील की स्वच्छता एवं सुंदरता के प्रति जागरूक करना भी है।
झील किनारे होने वाली आरती के दौरान घाटों की आकर्षक लाइटिंग और रंग-बिरंगी नावें श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। इससे लाखा बंजारा झील धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी विकसित हो रही है।
श्रद्धालु बन सकते हैं मुख्य यजमान
लाखा बंजारा झील पर होने वाली गंगा आरती में श्रद्धालु मुख्य यजमान बनकर पूजा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए इच्छुक नागरिकों को आरती शुरू होने से करीब 30 मिनट पहले संपर्क करना होगा।
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